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मैं उत्तराखंड वाला ठहरा - Uttarakhandi Poem

Written By Uttaranchal hills on Wednesday, July 13, 2016 | 8:05 AM


http://uttaranchalhills.blogspot.com/
-तू ठहरी coffee की शौक़ीन
, मैं ठहरा चूल्हे की चाय का अमली।
--तू ठहरी DJ और लाउंज वाली , मैं
ठहरा पहाड़ी ढोल - दमुआ वाला ।
--तुझे शौक़ ठहरा स्विमिंग पूल का , मैं
ठहरा नदियों - धारों वाला ।
--Mom-dad कहना तो नहीं सीखा ,
लेकिन इजा और बौजु से सब सीखा ।
--तूने आज तक डाँट भी खाई की नहीं,
लेकिन मैंने तो मार के साथ शिशूने का
ढाग भी खाया है।
-- pop म्यूज़िक नहीं सुनता भूली ,मैं
पहाड़ी गाने वाला ठहरा।
--Mumbai का नहीं
भूली, मैं उत्तराखंड
वाला ठहरा । —

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